भा.कृ.अ.प. - भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान | ICAR-Indian Agricultural Research Institute
ICAR-IARI, New Delhi

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भा.कृ.अ.प. - भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान
ICAR-Indian Agricultural Research Institute

हमारे परिसर

आईएआरआई नई दिल्ली

संस्थान का वर्तमान परिसर लगभग 500 हेक्टेयर (लगभग 1250 एकड़) क्षेत्र में फैला एक स्व-निहित एवं हरित परिसर है। यह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से लगभग 8 किमी (5 मील) पश्चिम तथा पालम स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 16 किमी (10 मील) पूर्व में स्थित है। इसका भौगोलिक स्थान 28.08° उत्तरी अक्षांश एवं 77.12° पूर्वी देशांतर पर है तथा समुद्र तल से इसकी ऊँचाई 228.61 मीटर (750 फीट) है। यह पहाड़ी सड़क के समीप स्थित है। यहाँ की जलवायु उप-समशीतोष्ण एवं अर्ध-शुष्क है। ग्रीष्म ऋतु (मई–अक्टूबर) के दौरान औसत अधिकतम दैनिक तापमान 32.2°C से 40.0°C तक तथा औसत न्यूनतम तापमान 12.2°C से 27.5°C के बीच रहता है। जून से सितंबर तक वर्षा ऋतु रहती है, जिसमें लगभग 500 मिमी वर्षा होती है।
 

आईएआरआई झारखंड

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 28 जून, 2015 को झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान-झारखंड की आधारशिला रखी। अपने प्रभावशाली भाषण में श्री मोदी ने कृषि क्षेत्र में अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया और कहा कि यह केवल एक ही स्थान पर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम... भारत के पूर्वी भाग में कृषि क्रांति हो सकती है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और लगातार खंडित होते भूमि जोतों के बीच, देश को बिना किसी देरी के दूसरी हरित क्रांति की सख्त जरूरत है, जो केवल पूर्वी भारत में ही संभव है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के सभी कृषि-जलवायु क्षेत्रों में उचित अनुसंधान आवश्यक है। इससे सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित होंगे और किसानों के बीच इसकी स्वीकार्यता भी बढ़ेगी। उन्होंने यह बात कही। 
 

आईएआरआई असम

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 26 सितंबर 2020 को असम के धेमाजी जिले में भा. कृ. अनु. सं. के असम परिसर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान की स्थापना से पूर्वोत्तर भारत में कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान गतिविधियों को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा। मई 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में कृषि शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा दूसरी हरित क्रांति को साकार करने के उद्देश्य से असम में भा. कृ. अनु. सं. की स्थापना को ₹155 करोड़ से अधिक की लागत के साथ स्वीकृति प्रदान की थी। आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, पूर्व-निर्मित भवन के तैयार हो जाने के साथ ही शैक्षणिक सत्र 2020–21 से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की कक्षाएँ भा. कृ. अनु. सं., असम परिसर में प्रारंभ कर दी गईं। प्रारंभिक चरण में तीन संभाग कार्यरत हैं—फसल सुधार संभाग , उद्यानिकी संभाग तथा पशु विज्ञान एवं मत्स्य संभाग । इस संस्थान की स्थापना से असम के अतिरिक्त अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा एवं सिक्किम राज्यों में कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के विकास को भी नई गति मिलेगी। वक्तव्य में यह भी कहा गया कि सरकार बढ़ती जनसंख्या एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने तथा हर समय पर्याप्त खाद्य भंडार सुनिश्चित करने के लिए कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।  
 

भा.कृ.अनु.प –भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान


पूसा परिसर,
नई दिल्ली - 110012
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