भा.कृ.अ.प. - भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान | ICAR-Indian Agricultural Research Institute
ICAR-IARI, New Delhi

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भा.कृ.अ.प. - भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान
ICAR-Indian Agricultural Research Institute

पादप संरक्षण स्कूल

परिचय

इस विद्यालय में चार विभाग शामिल हैं, अर्थात् पादप रोग विज्ञान, कीट विज्ञान, सूत्रकृमि विज्ञान तथा कृषि रसायन। इस विद्यालय के विद्यार्थियों को नए कीटों एवं रोगों की पहचान, महामारी विज्ञान संबंधी अध्ययन तथा शीघ्र पूर्व-चेतावनी हेतु निर्णय समर्थन प्रणाली के विकास का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, आश्रयी प्रतिरोध की पहचान, जैव-रासायनिक एवं आणविक स्तर पर आश्रयी-परजीवी/आश्रयी-रोगजनक अंतःक्रिया, उपयोगी जीनों का क्लोनिंग तथा फसल पौधों में कीट एवं रोग प्रबंधन हेतु आनुवंशिक अभियांत्रिकी, रोगजनकों एवं कीटों का चरित्रण, रेस/पैथोटाइप/स्ट्रेन की पहचान, सीरोलॉजिकल एवं आणविक आधारित निदान, समन्वित कीट प्रबंधन (IPM), वनस्पति-आधारित (बॉटनिकल) उत्पादों का उपयोग, रसायनों का विवेकपूर्ण प्रयोग आदि जैव-नियंत्रण विधियों का विकास सिखाया जाता है। जीनोमिक्स, उन्नत निदान तकनीकें तथा जैव-प्रणालीविज्ञान (बायोसिस्टेमैटिक्स) उभरते हुए क्षेत्र हैं, जिन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि रसायन विभाग ने कृषि-रसायनों के विकास, सूत्रीकरण एवं सुरक्षा पहलुओं से संबंधित विविध क्षेत्रों में राष्ट्रीय महत्व के मौलिक एवं अनुप्रयुक्त अनुसंधान की योजना और क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाई है। स्वदेशी रूप से विकसित एवं औद्योगिक रूप से अपनाई गई नीम-लेपित यूरिया, उर्वरक उद्योग में इसका एक प्रमुख योगदान है।

पादप संरक्षण विभाग

के उद्देश्य नए कीटों एवं रोगों की पहचान, उनके प्रसार का अध्ययन तथा प्राथमिकता अनुसंधान लक्ष्य कीटों का निर्धारण एवं कीट प्रकोप की भविष्यवाणी; प्रतिरोध एवं विषाणुता की क्रियाविधि के संदर्भ में आश्रयी-परजीवी/आश्रयी-रोगजनक अंतःक्रिया के जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार का अध्ययन, उपयोगी जीनों का क्लोनिंग एवं फसल पौधों में कीट एवं रोग प्रतिरोध हेतु आनुवंशिक अभियांत्रिकी; कीटों एवं रोगजनकों की स्ट्रेन/रेस/बायोटाइप का जैव-रासायनिक एवं आणविक चरित्रण ताकि त्वरित एवं प्रामाणिक पहचान हो सके; जैव-नियंत्रण विधियों का विकास—समन्वित कीट प्रबंधन रणनीतियाँ, वनस्पति-आधारित उत्पादों का उपयोग, रसायनों का विवेकपूर्ण प्रयोग, जैव-एजेंट्स की क्रियाविधि तथा अन्य पर्यावरण-अनुकूल उपाय; Artemesia spp., Ocimum sanctum तथा Azadirachta indica से कृषि-रसायनों का विकास तथा ऑर्गेनोफॉस्फेट, पाइरेथ्रॉयड एवं जैव-कीटनाशकों के सूत्रीकरण; चयनित सूत्रकृमियों, कीटों एवं सूक्ष्मजीवों के लिए कंप्यूटर-आधारित वर्गिकी, आश्रयी सीमा, भौगोलिक वितरण एवं पादप-स्वच्छता जोखिमों का विकास; राष्ट्रीय सूत्रकृमि/कीट/सूक्ष्मजीव/कवक संग्रह का संवर्धन एवं संरक्षण, उनका जैव-प्रणालीगत चरित्रण तथा आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण अभिग्रहों की पहचान; नवीन यौगिकों का उत्पादन—Phalaris minor के लिए वनस्पति-आधारित खरपतवारनाशकों का पृथक्करण एवं चरित्रण।

इस विद्यालय के अंतर्गत विभाग

पादप संरक्षण विभाग

पादप रोग विज्ञान
कीट विज्ञान
सूत्रकृमि विज्ञान
कृषि रसायन

क्षेत्रीय स्टेशन

कालिम्पोंग
पुणे, महाराष्ट्र

भा.कृ.अनु.प –भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान


पूसा परिसर,
नई दिल्ली - 110012
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