भा.कृ.अ.प. - भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान | ICAR-Indian Agricultural Research Institute
ICAR-IARI, New Delhi

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भा.कृ.अ.प. - भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान
ICAR-Indian Agricultural Research Institute

प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन विद्यालय

परिचय

प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन विद्यालय के अंतर्गत आने वाले विषय, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से संबंधित विभिन्न संसाधनों के नियोजन, क्रियान्वयन, निगरानी एवं मूल्यांकन तथा उत्पादकता, लाभप्रदता और फसलों/फसल प्रणालियों की स्थिरता बढ़ाने हेतु कुशल संसाधन प्रबंधन प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए एम.एससी./एम.टेक. एवं पीएच.डी. विद्यार्थियों के क्षमता निर्माण में अग्रणी रहे हैं। विद्यार्थियों को फसल निगरानी एवं प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन हेतु रिमोट सेंसिंग एवं GIS, IoT, रोबोटिक्स, ड्रोन एवं सेंसर प्रणालियों जैसी उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, कृषि उत्पादन प्रणालियों में सौर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों तथा औद्योगिक उपयोग हेतु कृषि-बायोमास ऊर्जा के उपयोग का भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। विद्यालय में नाइट्रोजन उपयोग दक्षता बढ़ाने हेतु नैनो-उर्वरक, NCPCs, जैव-अवक्रमणीय मृदा-आधारित पॉलिमर आदि जैसे नवीन उर्वरक संयोजनों के विकास, जैव-चार एवं कम्पोस्ट जैसे विभिन्न संशोधनों द्वारा मृदा स्वास्थ्य पुनर्स्थापन, पोषक तत्व स्थिरीकरण एवं पादप-विकास को प्रोत्साहित करने वाले सूक्ष्मजीवों का पृथक्करण एवं चयन, कृषि अपशिष्ट के त्वरित अपघटन हेतु सूक्ष्मजीवों का पृथक्करण एवं उपयोग तथा BGA आधारित एवं कैरियर आधारित जैव-उर्वरकों के विकास के क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाता है।

प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (NRM) विभाग

प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (NRM) विभाग के अनुसंधान क्षेत्र अनाज, दलहन, तिलहन, सब्ज़ी एवं मसाला आधारित फसल प्रणालियों में समन्वित पोषक तत्व, जल एवं खरपतवार प्रबंधन पर अध्ययन; जैव-भार उत्पादन, जैव-उर्वरकों एवं कृषि-ऊर्जा पर अनुसंधान, जिसमें फसल पौधों, झाड़ियों एवं वृक्ष अवशेषों के पुनर्चक्रण तथा कृषि अपशिष्ट के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल; वर्षा आधारित क्षेत्रों में वर्षा जल एवं पोषक तत्वों के कुशल उपयोग तथा आकस्मिक फसल योजना हेतु समन्वित दृष्टिकोण पर अध्ययन; जैविक एवं गैर-रासायनिक खरपतवार नियंत्रण विधियाँ, फसली एवं गैर-फसली क्षेत्रों में खरपतवार परिवर्तन, खरपतवार जीवविज्ञान तथा हानिकारक, परजीवी, बहुवर्षीय एवं जलीय खरपतवारों का नियंत्रण; मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान का उपयोग करते हुए मौसम आधारित फसल प्रबंधन पर अनुसंधान; रिमोट सेंसिंग, GIS, नाभिकीय एवं अन्य सहायक तकनीकों द्वारा मृदा, जल, जलवायु एवं फसल संसाधनों का आकलन कर डेटाबेस एवं संसाधन सूची का निर्माण; सतत फसल उत्पादन हेतु मृदा स्वास्थ्य सूचकांक का विकास एवं मृदा स्वास्थ्य का पुनर्स्थापन; फसलों एवं फसल प्रणालियों में उर्वरक एवं जल के उपयोग के अनुकूलन हेतु मानदंडों का विकास; जैव-उर्वरक अनुप्रयोग एवं प्रबंधन पद्धतियों का विकास एवं परिष्करण; मृदा उर्वरता एवं फसल उत्पादकता के संदर्भ में नाइट्रोजन स्थिरीकरण एवं फॉस्फेट घुलनशील बनाने वाले सूक्ष्मजीवों की दक्ष प्रजातियों की पहचान एवं उपयोग; लघु एवं मध्यम कृषकों की उत्पादकता एवं लागत-लाभ बढ़ाने हेतु बहु-परिचालन चालित उपकरणों का अभिकल्पन एवं विकास; भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पॉलीहाउस हेतु उपयुक्त पर्यावरण नियंत्रण प्रणालियों का विकास; बढ़े हुए CO₂ एवं तापमान के फसल उत्पादकता तथा वनस्पति एवं जीव-जंतुओं पर प्रभाव का आकलन; प्रमुख फसलों हेतु फसल वृद्धि अनुकरण मॉडलों का विकास एवं परिष्करण; भूमि एवं जल संसाधनों का प्रबंधन तथा सिंचाई प्रणालियों का मूल्यांकन; जलग्रहण क्षेत्र विकास की प्रौद्योगिकियाँ; खेत स्तर पर जल प्रबंधन प्रौद्योगिकियों का विकास।

प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (NRM) विभाग

शस्य विज्ञान (एग्रोनॉमी)
कृषि भौतिकी
मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन
पर्यावरण विज्ञान
सूक्ष्मजीवविज्ञान
कृषि अभियांत्रिकी

इकाई

कृषि ज्ञान प्रबंधन इकाई

परियोजना निदेशालय

जल प्रौद्योगिकी केंद्र

भा.कृ.अनु.प –भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान


पूसा परिसर,
नई दिल्ली - 110012
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