मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाएं

ग्रामीण कृषि मौसम सेवा

कृषि भौतिकी संभाग

भा. कृ. अनु. प. -भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्‍ली – 110012

(दिल्ली और इसके आस-पास के गाँवों के लिए) Website: www.iari.res.in

साल-29, क्रमांक:-17/2022-23/शुक्र.                                            समय: अपराह्न 2.30 बजे                                  दिनांक: 27-05-2022

बीते सप्ताह का मौसम (21 से 27 मई, 2022)

सप्ताह के दौरान आसमान में बादल रहे। 23 मई को 32.4 मिमी तथा 24 मई को 20.4 मिमी वर्षा संस्थान की वैधशाला में दर्ज की गयी है l दिन का अधिकतम तापमान 30.0 से 45.2 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 39.1 डिग्री सेल्सियस) तथा न्यूनतम तापमान 16.2 से 27.2 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 24.7 डिग्री सेल्सियस) रहा। इस दौरान पूर्वाह्न 7.21 को सापेक्षिक आर्द्रता 70 से 92 तथा दोपहर बाद अपराह्न 2.21 को 24 से 59 प्रतिशत दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान दिन में औसत 6.6 घंटे प्रति दिन (साप्ताहिक सामान्य 7.7 घंटे) धूप खिली रही। हवा की औसत गति 6.2 कि.मी. प्रति घंटा (साप्ताहिक सामान्य 6.6 कि.मी. प्रति घंटा) तथा वाष्पीकरण की औसत दर 5.7 मि.मी. (साप्ताहिक सामान्य 10.0 मि.मी) प्रति दिन रही। सप्ताह के दौरान पूर्वाह्न को हवा शांत रही तथा अपराह्न को हवा भिन्न-भिन्न दिशाओ से रही।

भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र, लोदी रोड़, नई दिल्ली से प्राप्त मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान

  मौसमी तत्व/दिनांक            

28-05-22

29-05-22

30-05-22

31-05-22

01-06-22

  वर्षा (मि.मी.)

0.0

0.0

0.0

0.0

0.0

  अधिकतम तापमान {°सेल्सियस}

39

40

40

41

41

  न्यूनतम तापमान {° सेल्सियस}

27

27

26

26

26

  बादलों की स्थिति (ओक्टा)

4

3

3

2

2

  सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) अधिकतम

75

75

65

65

65

  सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) न्यूनतम

35

35

30

30

30

  हवा की गति (कि.मी/घंटा)

15

15

12

18

20

  हवा की दिशा                

पश्चिम

पश्चिम-उत्तर-पश्चिम

पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम

पश्चिम

पश्चिम

  साप्ताहिक संचयी वर्षा (मि.मी.)

                                                   0.0

साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि सम्बंधी सलाह 01 जून, 2022 तक के लिए

कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।

  • रबी फसल की कटाई के बाद खाली खेतो की गहरी जुताई कर जमीन को खुला छोड़ दें ताकि सूर्य की तेज धूप से गर्म होने के कारण इसमें छिपे कीडो के अण्ड़े तथा घास के बीज नष्ट हो जायेंगे।
  • ग्वार, मक्का, बाजरा आदि चारा फसलों की बुवाई इस सप्ताह कर सकते हैं। बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी होनी आवश्यक है। बीजों को 3-4 से.मी. गहराई पर डाले और पंक्ति से पंक्ति की दूरी 25-30 से.मी. रखें।
  • अरहर की बुवाई के लिए खेत की तैयारी करें। बीज किसी प्रमाणित स्रोत से ही खरीदें। किसानों को सलाह है कि वे बीजों को बोने से पहले अरहर के लिए उपयुक्त राईजोबियम तथा फास्फोरस में घुलनशील बेक्टीरिया से अवश्य उपचार कर लें। इस उपचार से बीजो के अंकुरण तथा उत्पादन में वृद्धि होती है। अरहर की उन्नत किस्में:- पूसा- 2001, पूसा- 991, पूसा- 992, पारस मानक, UPAS 120.
  • तापमान अधिक रहने की संभावना को देखते हुए, किसान तैयार सब्जियों की तुड़ाई सुबह या शाम को करें तथा इसके बाद इसे छायादार स्थान में रखें।
  • इस मौसम में बेलवाली फसलों व सब्जियों में न्युनतम नमी बनाएं रखें अन्यथा मृदा में कम नमी होने से परागण पर असर हो सकता है जिससे फसल उत्पादन में कमी आ सकती है। इस मौसम में सब्जियों की फसल में हल्की सिंचाई कम अंतराल पर करें।
  • भिंडी की फसल में तुड़ाई के बाद युरिया @ 5-10 कि.ग्रा. प्रति एकड़ की दर से डाले तथा माईट कीट की निरंतर निगरानी करते रहें। अधिक कीट पाये जाने पर ईथियाँन @1.5-2 मि.ली./लीटर पानी की दर से छिड़काव करें। इस मौसम में भिंडी की फसल में हल्की सिंचाई कम अंतराल पर करें।
  • बैंगन तथा टमाटर की फसल को प्ररोह एवं फल छेदक कीट से बचाव हेतु ग्रसित फलों तथा प्रोरहों को इकट्ठा कर नष्ट कर दें। यदि कीट की संख्या अधिक हो तो स्पिनोसेड़ कीटनाशी 48 ई.सी. @ 1 मि.ली./4 लीटर पानी की दर से छिड़काव करें।
  • इस मौसम में किसान अपनी मिट्टी की जांच किसी प्रमाणित स्रोत से करवाएं और जहाँ संभव हो अपने खेत का समतलनीकरण करवाएं।

सलाहकार समिति के वैज्ञानिक   

डा. अनन्ता वशिष्ठ (नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.प्र. कृष्णन (अध्यक्ष, कृषि भौतिकी संभाग)  

डा.देब कुमार दास (प्रधान वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.बी.एस.तोमर (संयुक्त निदेशक प्रसार (कार्यवाहक) एवं अध्यक्ष, सब्जी विज्ञान संभाग)

डा.जे.पी.एस. ड़बास (प्रधान वैज्ञानिक व इंचार्ज, केटेट)

डा.दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सस्य विज्ञान संभाग)

डा.पी.सिन्हा (प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग)

डा. सचिन सुरेश सुरोशे (प्रधान वैज्ञानिक, कीट विज्ञान संभाग)