मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाएं

ग्रामीण कृषि मौसम सेवा

कृषि भौतिकी संभाग

         भा. कृ. अनु. प. -भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्‍ली – 110012       

(दिल्ली और इसके आस-पास के गाँवों के लिए) Website: www.iari.res.in

साल-25, क्रमांक:- 72/2018-19/शुक्र.              समय: अपराह्न  2.30 बजे       दिनांक:07-12-2018

बीते सप्ताह का मौसम (01 से 07 दिसम्बर, 2018)

        सप्ताह के दौरान आसमान में सुबह के समय हल्का कोहरा रहा। दिन का अधिकतम तापमान 23.4 से 26.4 डिग्री सेल्सियस(साप्ताहिक सामान्य 25.8 डिग्री सेल्सियस) तथा न्यूनतम तापमान 7.0 से 8.1 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 9.7 डिग्री सेल्सियस)रहा।इस दौरान पूर्वाह्न 7.21 को सापेक्षिक आर्द्रता 94 से 97 तथा दोपहर बाद अपराह्न 2.21 को 54 से 64 प्रतिशत दर्ज  की गई।सप्ताह के दौरान दिन में औसत 5.5 घंटे प्रतिदिन(साप्ताहिक सामान्य 8.2 घंटे)धूप खिली रही।हवा की औसत गति 1.6 कि.मी. प्रतिघंटा(साप्ताहिक  सामान्य 4.4 कि.मी. प्रतिघंटा)तथा वाष्पीकरण की औसत दर 2.3 मि.मी. (साप्ताहिक सामान्य 5.0 मि.मी) प्रति दिन रही। सप्ताह के दौरान पूर्वाह्न को हवा ज़्यादातर शांत रही तथा अपराह्न को भिन्न-भिन्न दिशाओं से रही।

भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र, लोदी रोड़, नई दिल्ली  से प्राप्त मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान

मौसमीतत्व/दिनांक

08-12-18

09-12-18

10-12-18

11-12-18

12-12-18

वर्षा (मि.मी.)

0.0

0.0

 0.0

3.0

0.0

अधिकतमतापमान {°सेल्सियस}

25

25

24

21

22

न्यूनतमतापमान {° सेल्सियस}

08

07

    07

10

10

बादलोंकीस्थिति (ओक्टा)

0

0

4

7

5

सापेक्षिकआर्द्रता(प्रतिशत) अधिकतम

95

95

95

98

95

सापेक्षिकआर्द्रता(प्रतिशत) न्यूनतम

40

40

40

45

40

हवाकीगति (कि.मी/घंटा)

10

    10

    15

15

08

हवाकीदिशा

पूर्व-उत्तर-पूर्व

उत्तर

  दक्षिण-दक्षिण-पूर्व

पूर्व-उत्तर-पूर्व

उत्तर-उत्तर-पश्चिम

साप्ताहिक संचयी वर्षा (मि.मी.)

                   0.0




























साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि सम्बंधी सलाह
12 दिसम्बर, 2018 तक के लिए

कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।

1.   जिन किसानों की गेहूँ की फसल 21-25 दिन की हो गयी हो, वे अगले पाँच दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पहली सिंचाई करें। सिंचाई के 3-4 दिन बाद उर्वरक की दूसरी मात्रा डालें।

2.  तापमान में कमी को ध्यान में रखते हूए किसानों को सलाह है कि वे पछेती गेहूँ की बुवाई अतिशीघ्र करें। बीज दर125 कि.ग्रा.प्रति हैक्टर। उन्नत प्रजातियाँ-पी.बी.डब्ल्यू. 373, डब्ल्यू. आर. 544, यू.पी. 2338, यू.पी. 2425, एच. डी. 3059, राज. 3765। बुवाई से पूर्व बीजों को बाविस्टिन या थायरम @ 2.0-2.5 ग्राम प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचारित करें। जिन खेतों में दीमक का प्रकोप हो किसान क्लोरपाईरिफास (20 ईसी) @ 5.0 लीटर/हैक्टर की दर से पलेवा के साथ या सूखे खेत में छिड़क दे।

3.  सापेक्षिक आर्द्रता को ध्यान में रखते हुए किसानों से सलाह है कि वे सरसों में सफेद रतुआ रोग की निरंतर निगरानी करते रहें। यदि प्रकोप अधिक दिखाई दे तो डाईथेन- एम-45 @ 2 ग्राम/ प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।

4.  मौसम को ध्यान में रखते हुए किसानों को सलाह है कि वे सरसों में चेपा तथा पेटेंड बग कीट की निरंतर निगरानी करते रहें।

5.  इस मौसम में तैयार खेतों में प्याज की रोपाई से पहले अच्छी तरह से सडी हूई गोबर की खाद तथा पोटास उर्वरक का प्रयोग अवश्य करें।

6.  हवा में अधिक नमी के कारण आलू में पछेता झूलसा रोग आने की संभावना है अतः फसल की नियमित रूप से निगरानी करें तथा जिन किसानों ने बीज आलू की फसल लगा रखी है तो उसमें मेन्कोंजेब दवा 2.0 ग्राम/लीटर पानी की दर से चिपकने वाले पदार्थ को साथ (टीपाल) मिलाकर छिड़काव आसमान साफ होने पर इस तरह से करे की पौधा पूरा भीग जावे।

7.  जिन किसानों की टमाटर, फूलगोभी, पत्तागोभी, बन्दगोभी और ब्रोकली की पौधशाला तैयार है, वह मौसस को ध्यान में रखते हुये पौधों की रोपाई उथली क्यारियों पर करें।

8.  गोभीवर्गीय सब्जियों में पत्ती खाने वाले कीटों की निरंतर निगरानी करते रहें यदि सख्याँ अधिक हो तो बी. टी.@ 1.0 ग्राम प्रति लीटर पानी या स्पेनोसेड दवा @ 1 एम.एल./3 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।

9.  इस मौसम में किसान सब्जियों की निराई-गुड़ाई करके खरपतवारों को नष्ट करें तथा उर्वरकों का बुरकाव करें

10.इस मौसम में मिलीबग के बच्चे जमीन से निकलकर आम के तनों पर चढ़ेगें, इसको रोकने हेतु किसान जमीन से 0.5 मीटर की ऊंचाई पर आम के तने के चारों तरफ 25 से 30 से.मी. चौड़ी अल्काथीन की पट्टी लपेटे।तने के आस-पास की मिट्टी की खुदाई करें जिससे उनके अंडे नष्ट हो जायेंगे

11.   सापेक्षिक आर्द्रता के अधिक रहने की सम्भावना को ध्यान में रखते हूए किसानों को सलाह है कि वे अपनी गेंदे की फसल में पूष्प सड़न रोग के आक्रमण की निगरानी करते रहें।  

सलाहकार समिति के वैज्ञानिक 

   डा.अनन्ता वशिष्ठ(नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.प्र. कृष्णन (अध्यक्ष, कृषि भौतिकी संभाग)

     डा.देब कुमार दास(प्रधान वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)   

डा.सुभाष चन्द्र (प्रधान वैज्ञानिक, कीट विज्ञान संभाग)

डा.जे.पी.एस. ड़बास(प्रधान वैज्ञानिक व इंचार्ज, केटेट)

डा.बी.एस.तोमर (अध्यक्ष, सब्जी विज्ञान संभाग)

डा.दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सस्य विज्ञान संभाग) 

डा.पी.सिन्हा(प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग