मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाएं

ग्रामीण कृषि मौसम सेवा

कृषि भौतिकी संभाग

         भा. कृ. अनु. प. -भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्‍ली – 110012       

(दिल्ली और इसके आस-पास के गाँवों के लिए) Website: www.iari.res.in

साल-26, क्रमांक:- 07/2019-20/मंग.     समय: अपराह्न  2.30 बजे              दिनांक:23-04-2019

बीते सप्ताह का मौसम (17 से 23 अप्रेल, 2019)

        सप्ताह के दौरान आसमान में हल्के बादल छाये रहें।दिन का अधिकतम तापमान 29.4 से 38.6 डिग्री सेल्सियस(साप्ताहिक सामान्य 36.1 डिग्री सेल्सियस) तथा न्यूनतम तापमान 19.1 से 26.4 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 19.7 डिग्री सेल्सियस)रहा।इस दौरान पूर्वाह्न 7.21 को सापेक्षिक आर्द्रता 55 से 95 तथा दोपहर बाद अपराह्न 2.21 को 29 से 78 प्रतिशत दर्ज की गई।सप्ताह के दौरान दिन में औसत 7.0 घंटे प्रतिदिन(साप्ताहिक सामान्य 9.1 घंटे)धूप खिली रही।हवा की औसत गति 4.7 कि.मी. प्रतिघंटा(साप्ताहिक सामान्य 4.6 कि.मी. प्रतिघंटा)तथा वाष्पीकरण की औसत दर 4.8 मि.मी. (साप्ताहिक सामान्य 8.8 मि.मी) प्रति दिन रही। सप्ताह के दौरान पूर्वाह्न तथा अपराह्न को हवा भिन्न-भिन्न दिशाओं से रही।

भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र, लोदी रोड़, नई दिल्ली  से प्राप्त मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान

मौसमी तत्व/दिनांक

24-04-19

25-04-19

26-04-19

27-04-19

28-04-19

वर्षा (मि.मी.)

0.0

0.0

0.0

0.0

0.0

अधिकतम तापमान {°सेल्सियस}

40

 41

40

41

40

न्यूनतम तापमान {° सेल्सियस}

24

 24

       23

24

24

बादलों की स्थिति (ओक्टा)

4

4

2

2

2

सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) अधिकतम

80

80

75

75

75

सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) न्यूनतम

30

30

25

25

25

हवा की गति (कि.मी/घंटा)

10

       20

       25

20

15

हवा की दिशा

उत्तर-उत्तर

-पश्चिम

उत्तर-उत्तर

-पश्चिम

पश्चिम

उत्तर-उत्तर

-पश्चिम

पश्चिम-उत्तर

-पश्चिम

साप्ताहिक संचयी वर्षा (मि.मी.)

                              0.0

विशेष

 
 
 
 
 





























साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि सम्बंधी सलाह
28 अप्रेल, 2019 तक के लिए

कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।

  1. रबी फसल की कटाई के बाद खाली खेतो की गहरी जुताई कर जमीन को खुला छोड़ दें ताकि सूर्य की तेज धूप से गर्म होने के कारण इसमें छिपे कीडो के अण्ड़े तथा घास के बीज नष्ट हो जायेंगे।
  2. इस मौसम में किसान अपनी मिट्टी की जांच किसी प्रमाणित स्रोत से करवाएं और जहाँ संभव हो अपने खेत का समतलनीकरण करवाएं।
  3. अनाज को भंडारण में रखने से पहले भंडार घर की अच्छी तरह सफाई करें तथा अनाज को अच्छी तरह से सुखा लें एवं कूड़े-कचरे को जला या दबा कर नष्ट कर दें। भंडारघर की छ्त, दीवारों और फर्श पर एक भाग मेलाथियान 50  .सी.को 100 भाग पानी में मिला कर छिड़काव करें। यदि पुरानी बोरियां प्रयोग करनी पड़े तो उन्हें एक भाग मेलाथियान व 100 भाग पानी के घोल में 10 मिनट तक भिगो कर छाया में सुखा लें।
  4. ग्रीष्मकाल हरी खाद के लिए सनई, ढैंचा, ग्वार, लोबिया, मूंग की बुवाई कर सकते हैं। सनई की बीज दर 60-70 और ढैंचा की 50-60 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर है।  अच्छे अंकुरण के लिए खेत में पर्याप्त नमी होनी आवश्यक है।
  5. ग्वार, मक्का, बाजरा, लोबिया आदि चारा फसलों की बुवाई इस सप्ताह कर सकते हैं।बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी होनी आवश्यक है। बीजों को 3-4 से.मी. गहराई पर डाले और पंक्ति से पंक्ति की दूरी 25-30 से.मी. रखें।
  6. किसान अरहर और कपास की बुवाई के लिए खेतों को तैयार करें तथा बीज किसी प्रमाणित स्रोत से ही खरीदें।
  7. तापमान अधिक रहने की संभावना को देखते हुए, किसान तैयार सब्जियों की तुड़ाई सुबह या शाम को करें तथा इसके बाद इसे छायादार स्थान में रखें।
  8. इस मौसम में बेलवाली फसलों में न्युनतम नमी बनाएं रखें अन्यथा मृदा में कम नमी होने से परागण पर असर हो सकता है जिससे फसल उत्पादन में कमी आ सकती है।
  9. भिंडी की फसल में तुड़ाई के बाद युरिया @ 5-10 कि.ग्रा. प्रति एकड़ की दर से डाले तथा माईट कीट की निरंतर निगरानी करते रहें। अधिक कीट पाये जाने पर ईथियाँन @1.5-2 मि.ली./लीटर पानी की दर से छिड़काव करें। इस मौसम में भिंडी की फसल में हल्की सिंचाई कम अंतराल पर करें।
  10. बैंगन तथा टमाटर की फसल को प्ररोह एवं फल छेदक कीट से बचाव हेतु ग्रसित फलों तथा प्रोरहों को इकट्ठा कर नष्ट कर दें। यदि कीट की संख्या अधिक हो तो स्पिनोसेड़ कीटनाशी 48 ई.सी. @ 1 मि.ली./4 लीटर पानी की दर से छिड़काव करें।
  11. इस मौसम में प्याज तथा लहसुन की तैयार फसल की खुदाई से एक सप्ताह पहले हल्की सिंचाई करें और उसके उपरांत खुदाई करें।

  सलाहकार समिति के वैज्ञानिक  

डा.अनन्ता वशिष्ठ(नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.प्र. कृष्णन (अध्यक्ष,कृषि भौतिकी संभाग)

डा.देब कुमार दास(प्रधान वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.सुभाष चन्द्र (प्रधान वैज्ञानिक, कीट विज्ञान संभाग)

डा.जे.पी.एस. ड़बास(प्रधान वैज्ञानिक व इंचार्ज, केटेट)

डा.बी.एस.तोमर (अध्यक्ष, सब्जी विज्ञान संभाग)

डा.दिनेश कुमार(प्रधान वैज्ञानिक,सस्य विज्ञान संभाग) 

डा.पी.सिन्हा(प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग