मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाएं

ग्रामीण कृषि मौसम सेवा

                                     कृषि भौतिकी संभाग                                    

    भा. कृ. अनु. प. -भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्‍ली – 110012       

(दिल्ली और इसके आस-पास के गाँवों के लिए) Website: www.iari.res.in

साल-24, क्रमांक :- 71/2017-18/शुक्र.         समय अपराह्न  2.30 बजे        दिनांक:08-12-2017

बीते सप्ताह का मौसम (02 से 08 दिसम्बर तक 2017)

                      सप्ताह के दौरान आसमान में सुबह के समय हल्का कोहरा रहा।दिन का अधिकतम तापमान 23.0 से 25.0 डिग्री सेल्सियस(साप्ताहिक सामान्य 25.8 डिग्री सेल्सियस) तथा न्यूनतम तापमान 5.5 से 11.9 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 9.7 डिग्री सेल्सियस)रहा।इस दौरान पूर्वाह्न 7.21 को सापेक्षिक आर्द्रता 62 से 94 तथा दोपहर बाद अपराह्न 2.21 को 37 से 56 प्रतिशत दर्ज की गई।सप्ताह के दौरान दिन में औसत 3.2 घंटे प्रतिदिन(साप्ताहिक सामान्य 8.2 घंटे)धूप खिली रही।हवा की औसत गति 2.3 कि.मी प्रतिघंटा(साप्ताहिक  सामान्य 4.4 कि.मी. प्रतिघंटा)तथा वाष्पीकरण की औसत दर 2.2 मि.मी. (साप्ताहिक सामान्य 5.0 मि.मी) प्रति दिन रही। सप्ताह के दौरान पूर्वाह्न को हवा शांत रही तथा अपराह्न को उत्तर-पश्चिम दिशाओं से रही।

भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र, लोदी रोड़, नई दिल्ली  से प्राप्त मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान

मौसमीतत्व/दिनांक

09-12-17

10-12-17

11-12-17

12-12-17

13-12-17

वर्षा (मि.मी.)

 0.0

 0.0

 5.0

  2.0

   4.0

अधिकतमतापमान {°सेल्सियस}

  25

  26

  23

  21

     22

न्यूनतमतापमान {° सेल्सियस}

 08

 11

  11

     09

     08

बादलोंकीस्थिति (ओक्टा)

  0

   5

   7

      7

    6

सापेक्षिकआर्द्रता(प्रतिशत) अधिकतम

  70

     70

  80

  85

  85

सापेक्षिकआर्द्रता(प्रतिशत) न्यूनतम

  23

  30

  35

  40

 40

हवाकीगति (कि.मी/घंटा)

   10

   06

   05

   10

  07

हवाकीदिशा

पश्चिम-उत्तर-पश्चिम              

उत्तर-उत्तर

-पूर्व

दक्षिण-दक्षिण -पश्चिम

पूर्व-दक्षिण

-पूर्व     

उत्तर-उत्तर

-पूर्व

साप्ताहिक संचयी वर्षा (मि.मी.)

                                 11.0            


























साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि सम्बंधी सलाह
13 दिसम्बर 2017 तक के लिए

कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।

1.   दिसम्बर में 11 से  13 तक हल्की वर्षा की संभावना को ध्यान में रखते हुए किसानों को सलाह है कि वे खड़ी फसलों में किसी प्रकार का छिड़काव ना करें।

2.   सरसों की फ़सल में विरलीकरण तथा खरपतवार नियंत्रण का कार्य करें। समय पर बोयी गई सरसों की फ़सल में पेटेंड बग की निरंतर निगरानी करते रहें तथा प्रकोप अधिक हो तो नियंत्रण के लिए कार्बरिल (सेविन) 2 ग्राम\लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव आसमान साफ होने पर ही करें।

3.    किसान इस समय गेंहू की बुवाईहेतू तैयार खेतों मेंबुवाई कर सकते हैं। उन्नत प्रजातियाँ- सिंचित परिस्थिति- श्रेष्ठ (एच. डी. 2687), पूसा विशेष (एच. डी. 2851),  पूसा गेहूँ -109 (एच. डी. 2894), पूसा सिंधु गंगा(एच. डी. 2967), डी. बी. डब्लू.-17| बीज की मात्रा 100 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर होनी चाहिये । बुवाई से पूर्व बीजों को बाविस्टिन @ 1.0 ग्राम या थायरम @ 2.5 ग्राम प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचारित करें। जिन खेतों में यदि दीमक का प्रकोप हो तो क्लोरपाईरिफाँस (20 ईसी) @ 5 लीटर प्रति हैक्टर की दर से पलेवा के साथ दें। नत्रजन, फास्फोरस पोटाश तथा जिंक सल्फेट उर्वरकों की मात्रा120, 50, 40 व 20 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर होनी चाहिये।

4. किसान इस समय पत्तेदार सब्जियों में सरसों साग- पूसा साग-1; पालक-आल ग्रीन,पूसा भारती; बथुआ- पूसा बथुआ-1; मेथी-पूसा कसुरी तथा धनिया-पंत हरितमा या संकर किस्मोंकी बुवाई करें।

5.   वर्तमान मौसम प्याज की बुवाई के लिए अनुकूल है। बीज दर– 10 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर। बुवाई से पहले बीजों को केप्टान@ 2.5 ग्रा. प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचार अवश्य करें।

6.   वर्तमान तापमान स्नोबोल किस्म की फूलगोभी, सलाद, बन्दगोभी और ब्रोकली की पौधशाला बनाने  तथा तैयार पौध की रोपाई के लिए अनुकूल है। ब्रोकली की उन्नत किस्में पालम समृद्धि, पालम कचंन (सामान्य किस्में), ऐश्वर्या, पेकमेन (संकर किस्में)। 

7.   इस सप्ताह किसान सब्जियों की निराई-गुड़ाई करके खरपतवारों को निकाले। 15 से 25 दिन की सब्जियों में नत्रजन की बची हुई मात्रा का छिड़काव करें

8.       इस मौसम में मिलीबग के बच्चे जमीन से निकलकर आम के तनों पर चढ़ेगें, इसको रोकने हेतु किसान जमीन से 0.5 मीटर की ऊंचाई पर आम के तने के चारों तरफ 25 से 30 से.मी. चौड़ी अल्काथीन की पट्टी लपेटे।तने के आस-पास की मिट्टी की खुदाई करें जिससे उनके अंडे नष्ट हो जायेंगे

सलाहकार समिति के वैज्ञानिक 

   डा.अनन्ता वशिष्ठ(नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.प्र. कृष्णन (अध्यक्ष, कृषि भौतिकी संभाग)

     डा.देब कुमार दास(प्रधान वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.सुभाष चन्द्र (प्रधान वैज्ञानिक, कीट विज्ञान संभाग)

डा.जे.पी.एस. ड़बास(इंचार्ज व प्रधान वैज्ञानिक,केटेट)

डा.बी.एस.तोमर (अध्यक्ष, सब्जी विज्ञान संभाग)

डा.दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सस्य विज्ञान संभाग)

डा.पी.सिन्हा(प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग